रसोईघर के लिए वास्तु का आपके स्वास्थ्य और संपत्ति पर कैसे असर पड़ेगा ?

परिवार में रसोईघर को हमेशा एक महत्त्वपूर्ण स्थान के रूप में माना गया है । पुराने जमाने में, बड़ा रसोईघर का कमरा एक मानक हुआ करता था । पारंपरिक रसोईघर के निर्माण के लिए कोई विशिष्ट दिशा की जरूरत हो ऐसा कोई मापदंड नहीं है । हम अधिक से अधिक समय नींद लेने में और काम करने में व्यतित करते हैं इसलिए काम करते समय अपनी अनुकूल दिशाओं का सामना करने का सुझाव दिया जाता है । किसी भी गृहिणी को जो अधिक से अधिक समय रसोईघर में परिवार के लिए खाना बनाने के लिए व्यतित करती है । हम उन्हें सुझाव देते हैं कि, खाना बनाते वक्त रसोईघर में अनुकूल दिशाओं का सामना करें । यह कहा जाता है कि अगर रसोईघर आग्नेय दिशा में नहीं है तो निश्चित रूप से परिवार का कोई नुकसान नहीं हो सकता । इसके अलावा, खाना बनाते वक्त, गृहिणी या बावर्ची ने पूर्व दिशा की तरफ मुँह करना चाहिए । यह भी माना जाता है कि, चुल्हे की दिशा भी महत्त्वपूर्ण है, अगर वह गॅस का चुल्हा हो या कोयले का चुल्हा, लकडी का चुल्हा अथवा चुंबकीय प्रेरण (मॅग्नेटिक इंडक्शन) चुल्हा इ. । अब सबसे महत्त्वपूर्ण सवाल यह है कि, यह कौन तय करेगा कि गॅस चुल्हे की सही दिशा कौन-सी होनी चाहिए अथवा खाना बनाते वक्त खाना बनानेवाले का मुँह किस दिशा में होना चाहिए ?

सरल वास्तु रसोईघर के लिए वास्तु के अनुसार, रसोईघर आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) दिशा में होना जरूरी है । इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि रसोईघर अपेक्षित उचित दिशा का सामना नहीं कर रहा हो ।

रसोईघर कौन-सी दिशा में स्थित होना चाहिए ?

पिछले कुछ सालों में यह उभरकर आया है कि, वास्तु विद्वानों द्वारा इसे यथाविधि प्रचारित और लोकप्रिय बनाया गया है ।

वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार या और कोई भी जगह पर वहाँ के रहनेवाले अथवा काम करनेवाले लोगों के जीवन पर महत्त्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है । मुख्य द्वार की दिशा यह मुख्य द्वार से संबंधित सबसे महत्त्वपूर्ण मुद्दा है । मुख्य द्वार की ८ संभाव्य दिशाएँ होती है और उसमें से लोगों की जन्मतिथि तथा लिंग के आधार पर हर दिशा कुछ लोगों को अनुकूल होती है और अन्य लोगों के लिए प्रतिकूल होती है । फ्लॅट, मकान और सहस्वामित्त्व यहाँ वास्तु के अनुरूप रसोईघर होने की संभावना नहीं होती ।

रसोईघर की दिशा आग्नेय ना होने के कारण होनेवाले प्रभाव को कम करने के लिए सरल वास्तु की सिफारिशों से छोटी तथा मामूली सुधार किए जा सकते हैं । जो व्यक्ति खाना बना रहा है उसका/उसकी जन्मतारीख खाना बनाने के लिए अनुकूल दिशा में अनुमोदित होना जरूरी है ।