जीवन समस्या मुक्त ग्राम योजना
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जीवन समस्या मुक्त ग्राम योजना एक महान सामाजिक पहल है जिसकी अभिकल्पना डा. श्री चन्द्रशेखर गुरूजी ने की है जिससे मानवता का भला किया जा सके। “जीवन समस्या मुक्त ग्राम योजना” के अंतर्गत, सी जी परिवार द्वारा गांवों को गोद लिया जाता है और गांव के प्रत्येक सदस्य को उसके घर के लिए सरल वास्तु प्रदान किया जाता है।सरल वास्तु से ग्राम वासियों को अपने स्वास्थ्य, सम्पदा, प्रसन्नता, शांति और समृद्धि को बढ़ावा देने और उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलेगी। यह सामाजिक परियोजना सभी ग्रामवासियों के लिए “पूरी तरह से मुफ्त” है। गोडची ऐसा पहला गांव है जिसे “जीवन समस्या मुक्त ग्राम योजना” कार्यक्रम के अंतर्गत अपनाया गया है। श्री नागराज चौबे, जो गोडची गांव कि स्थानीय विधान परिषद् सदस्य हैं द्वारा इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। उन्होंने समझाया कि गुरूजी ने सरल वास्तु के लाभों को प्रदान करने के लिए किसी अन्य गांव को भी चुना जा सकता था जो कि सापेक्षिक रूप से एक बेहतर स्थल हो सकता था,लेकिन उन्होंने इस पिछड़े और निर्धन गांव को ही चुना। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि गुरूजी का उद्देश्य सरल वास्तु के लाभों को उपलब्ध कराते हुए वास्तव में गांव वालों की मदद करना है और उनके जीवन में सुधार करना है। सरल वास्तु से वास्तु विशेषज्ञों को गांव में भेजा गया है ताकि हर घर के लिए वास्तु परामर्श को पूरा किया जा सके।

सी जी परिवार का मुख्य उद्देश्य जीवन की हर समस्या का समाधान प्रदान करना है। सी जी परिवार द्वारा निर्धन और बेसहारा बच्चों की शिक्षा के लिए हुबली-धारवाड़ रोड पर 14 एकड़ की भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। पूरा कर लिए जाने पर, इस आवासीय सुविधा में हर वर्ष 10,000 से अधिक बच्चों को मुफ्त में शिक्षा प्रदान की जाएगी।

गुरूजी ने एक अन्य इनोवेटिव कार्यक्रम यानि “शिक्षण समस्या मुक्त योजना” की अपनी सोच के बारे में बताया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत, वे छात्र जो पढ़ाई पर ध्यान केन्द्रित नहीं कर पाते हैं, उन्हें सरल वास्तु के माध्यम से पढ़ने और ध्यान केन्द्रित करने की तकनीक की जानकारी दी जाएगी। सरल वास्तु के विशेषज्ञों द्वारा कर्णाटक के सभी कालेजों में अध्यापकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि वे दिशा सूचक (कम्पास) का अध्ययन कर पाएं और फिर बच्चों को उनकी अनुकूल दिशा में बैठ कर पढ़ने की सलाह दे पाएं ताकि वे प्रगति कर सकें।