वास्तु का शिक्षा पर कैसे असर पड़ेगा ?

आज के निर्मम प्रतियोगिता के जमाने में, वास्तव में प्रत्येक अभिभावक और माता-पिता अपने प्रतिपाल्य तथा बच्चों की शैक्षिक संभावनाओं के बारे में चिंतित रहते हैं । प्रत्येक छात्र संबंधित परीक्षा में सफलता पाने हेतू अथवा किसी प्रतिष्ठित विद्यालय, महाविद्यालय अथवा उच्च शिक्षा में प्रवेश पाने के लिए उच्चतम अंक प्राप्त करना चाहते हैं । इस दौड़ में कईयों को अच्छे अंक प्राप्त होते हैं तो कुछ तो बुरी तरह से असफल होते हैं । इस प्रकार असफल छात्रोंमें आत्महत्या की प्रवृत्ति, निराशा, निद्रानाश और संपूर्ण बेबसी की भावना उत्पन्न होती है । किसी को अपने खुद के स्तर पर पढ़ाई में अव्वल अंक प्राप्त होना यह महत्वाकांक्षा हो सकती है और किसी भी संबंधित शाखा से अध्ययन करना छात्र का ध्येय होगा ।

शिक्षा से संबंधित समस्याएं घर और कार्यस्थल में निहित हैं

हर घर में अथवा कार्यस्थलपर शिक्षा का स्थान होता है । कभी कभी शिक्षा का स्थान घर या कार्यस्थल पर नहीं होता । अगर शिक्षा का स्थान होता भी है तो वह स्नानघर, शौचालय और उपयोगिता कमरे के स्थान के कारण अवरूध्द होता है । अपने आप से शिक्षा से संबंधित समस्याएँ उठती है और सबसे कमजोर बच्चों पर उसका असर होता है ।

हर घर में अथवा कार्यस्थलपर शिक्षा का स्थान होता है । अगर शिक्षा का स्थान प्रभावित होता है तो बच्चों की शिक्षा में समस्याएँ होती है । जब बच्चे अनजाने में प्रतिकूल दिशाओं का पालन करते हैं तब ७ चक्र प्रभावित हो जाते हैं जिसके परिणामस्वरूप शिक्षा संबंधित समस्याएँ, एकाग्रता की कमी, स्मरणशक्ति की क्षति, तनाव इत्यादी पैदा होती है ।

शिक्षा के स्वरूप तथा छात्रों की घर पर दिनचर्या में बाधा पड़ जाती है और कितनीही अधिक कोशिश करें उनका अध्ययन में सफल होना मुश्किल हो जाता है । जो बच्चें अध्ययन कर रहें हैं वे परीक्षा तथा इम्तहान के दौरान ज्ञान को भूल जाएँगे और उसे फिरसे याद करने में सक्षम नहीं होंगे । बच्चे अपनी पढ़ाई पर केंद्रित नहीं कर पाएँगे और उनकी याद रखने की क्षमता कम हो जाएगी । बच्चे विषय की संकल्पना को समझने में सक्षम नहीं होंगे । यहां तक कि घर के लिए कमानेवाला, अपना ज्ञान और बुध्दि उपयोग करने में सक्षम नहीं होगा जिससे नुकसान के रूप में वरिष्ठ अधिकारियों से कोई समर्थन ना होने से आजीविका का नुकसान तथा नोकरी में पदावनति हो सकती है ।

सरल वास्तु घर के बच्चों को या छात्रों को अच्छी शिक्षा पाने में कैसे मदद करता है ?

किसी भी प्रकार की संरचनात्मक परिवर्तन तथा तोड़-फोड़ किए बिना सरल वास्तु घर में तथा कार्यस्थल की प्रभावित शिक्षा के लिए वास्तु समाधान देता है ।

सरल वास्तु सबसे अच्छी अध्ययन दिशा तथा सबसे अच्छी सोने की दिशा का सुझाव देता है जिससे स्मरणशक्ति और एकाग्रता में सुधार होता है ।

७ चक्र सक्रिय करने से मस्तिष्क की धारणशक्ति बढ़ जाती है । बच्चे अथवा विद्यार्थी २-३ घंटे किसी भी असुविधा के बिना लगातार अध्ययन पूरी एकाग्रता के साथ तथा अध्ययन के सभी महत्त्वपूर्ण संकल्पनाओं को याद करते हैं ।

अपना व्यक्तिगत वास्तु नकाशा प्राप्त कीजिये और यह वास्तु नकाशा आपके कार्यस्थल तथा घर से सुसंगत है या नही इसका विश्लेषण कीजिये ।