धन हर एक के जीवन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है । धन के बिना समाज में कोई भी सम्मान नहीं मिलता । समाज में ऊँचा दर्जा तथा सुविधापूर्ण जीवन के लिए धन कमाना आवश्यक होता है । अगर परिवार के कमानेवाला व्यक्ति को अगर वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है, तो बच्चोंसहित परिवार के प्रत्येक सदस्यपर व्यापक प्रभाव पडता है । परिवार के सदस्यों के बीच तनाव, अति क्लेश तथा चिंता लंबे समय तक चलती रही तो कानूनी विपदा, असांमजस्य और असामाजिक कृत्यों तक पहुँचता है । यह एक स्वीकृत तथ्य भी है कि पैसे कमाने की दौड़ में कुछ लोग बहुतों को पीछे छोड़ अपना लक्ष कायम करते हैं तब बहुत लोग अपने नसीब, भाग्य तथा दैव को दोष देते हैं ।

संपत्ति के लिए वास्तु का महत्त्व

हर घर में और कार्यस्थल पर संपत्ति की जगह होती है । कभी-कभी संपत्ति का स्थान घर तथा कार्यस्थल पर नहीं होता लेकिन अगर संपत्ति का स्थल घर में है, तो भी अगर वह स्नानगृह और शौचालय तथा उपयोगिता के कमरे से अवरूध्द हो जाए तो परिणामस्वरूप संपत्ति संबंधि मसले उत्पन्न हो जाते हैं और सबसे कमजोर, वित्तिय समस्याओं से प्रभावित हो जाती है ।

अगर घर तथा कार्यस्थल पर संपत्ति का स्थान है, लेकिन अगर संपत्ति का स्थल स्नानगृह और शौचालय तथा उपयोगिता के कमरे से अवरूध्द हो जाए तब परिणामस्वरूप परिवार को भारी वित्तिय नुकसान हो सकता है ।

घर या कार्यस्थल का प्रवेश द्वार अथवा मुख्य द्वार, अगर प्रतिकूल दिशा में है तो गंभीर वित्तिय नुकसान की पीड़ा सहनी पड़ती है । वित्तिय नुकसान होने के विभिन्न कारण हो सकते हैं जिससे व्यक्ति के जीवन में भारी मात्रा में वित्तिय आपदा आ सकती है ।
कुछ मामलों में पैसों का प्रवाह बहुत ही अच्छा हो सकता है लेकिन घर या कार्यस्थल में मुनाफा स्थित रहने के बजाय जैसे ही पैसे आते हैं खर्च हो जाते हैं । पैसे ना रूकने के कारणों में पैसे के कमजोर अर्न्तवाह की तुलना में पैसे का अत्यधिक बहाव बाहर की तरफ होना भी हो सकता है ।
कुछ मामलों में लोग बड़ी धन राशि दुसरों को उधार दे देते हैं लेकिन उनको ना ही ब्याज और ना ही मुद्दल की राशि वक्त पर वापस मिलती है ।

इसी तरह से अगर गलत व्यापार में पैसों का निवेश किया तो वह आपकी अर्थप्राप्ति में असफलता का कारण बनता है, जिससे यह साबित होता है की वह व्यापार का बहुत ही बुरा प्रस्ताव था जो गलत हो गया । इससे यह मूल राशि का नुकसान होने से रोक लगाता है, इस प्रकार से किसी भी प्रकार की लाभ की प्राप्ति नहीं होती । कागज पर, आय में या लाभ में सुधार दिखाया जा सकता है लेकिन वास्तव में वहाँ बिल्कुल कोई भी फायदा नहीं होगा ।

अधिकतम मामलो में, अगर एक व्यक्ति ने बड़ी धन राशि बँक से बतौर ऋण ले लिया हो और उसे वह मासिक किस्तों में भुगतान करने में असमर्थ है तो यह दिवालियापन तक पहुँच सकता है ।

सरल वास्तु के संपत्ति के लिए वास्तु सिध्दांतों का अनुसरण करके, घर या कार्यस्थल के बाधित धन के स्थान को बिना तोड़-फोड़ या परिवर्तन से आसान, वैज्ञानिक समाधान प्रदान करता है । सरल वास्तु व्यक्ति के जन्मतिथि के आधार पर काम तथा सोने के स्थल पर सर्वोत्तम दिशा का सुझाव देकर ७ चक्रों को सक्रिय करता है । जब ७ चक्र सक्रिय हो जाते हैं तब खोयी हुई पूँजी को वसूल कर तथा पुर्नप्राप्त करने के लिए घर से ६६.६६ % तथा कार्यस्थल से ३३.३३ % अनुकूल परिणाम प्राप्त करने के लिए योग्य निर्णय लेने में मदद मिलती है ।

अपना व्यक्तिगत वास्तु नकाशा प्राप्त कीजिये और यह वास्तु नकाशा आपके कार्यस्थल तथा घर से सुसंगत है या नही इसका विश्लेषण कीजिये ।