घर, दुकान, कार्यालय, कारखाने, कार्यशालाओं आदि में प्रवेश करने का एकमात्र स्थान होता है मुख्यद्वार। इसी मुख्यद्वार या प्रवेशद्वार से आप सभी आने वालों का स्वागत करते है। एक सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर मुख्यद्वार आने वाले व्यक्तियो के ऊपर एक अच्छा और सकारात्मक असर करता हैं। वास्तुशास्त्र में मुख्य द्वार की दिशा और स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाता है। यह परिसर के प्रत्येक क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा को बहने का स्थान देता है। इसलिए किसी भी जगह का निर्माण करते समय वास्तु सिद्धांतो के अनुसार मुख्य द्वार के लिए वास्तु का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। वास्तु शास्त्र आधारित निर्मित मुख्य द्वार सकारात्मक उर्जा के द्वारा घर के सदस्यों और अन्य रिश्तेदारों के बीच प्रेम पूर्ण और अच्छे सम्बन्ध और व्यापारिक संबंधो में अच्छा व्यवहार बनाए रखने में सहायक होता है।

मुख्य द्वार के लिए कुछ निम्नलिखत महत्वपूर्ण वास्तु उपाय:

  • मुख्य द्वार के लिए वास्तु की आश्यकता क्यों है:
    मुख्य द्वार का निर्माण करते समय वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन घर या कार्यालय के मालिक की जन्मतिथि के आधार पर किया जाना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार हर व्यक्ति की जन्मतिथि के अनुसार ही घर या कार्यक्षेत्र की संरचना को बनाया जाना चाहिए क्योंकि सभी के लिए मुख्यद्वार की दिशा एक समान नहीं हो सकती। आपकी जन्म तारीख के आधार पर ही वास्तु विशेषज्ञ आपके दिशाओं का पता लगा कर आपके लिए उचित सलाह देते हैं।
  • क्या आप मुख्य द्वार के सामने सोते हैं? वास्तु के अनुसार मुख्य द्वार के सामने सोने से आपके स्वास्थ्य पर काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यदि किन्हीं कारणवश आपको मुख्यद्वार के सामने सोना पड़े तो यह सुनिश्चित करें कि आप अपनी अनुकूल दिशा में सोएं।
  • मुख्यद्वार के लिए वास्तु उपायों के अनुसार घर या कार्यक्षेत्र के मुख्यद्वार के सामने किसी भी तरह का अवरोध जैसे बिजली का के खंभा या पेड़ नहीं होना चाहिए। ऐसा होने पर यह अंदर आने वाली ऊर्जा के बहाव को रोकती है। मुख्य द्वार पर कभी भी किसी प्रकार का कोई फर्नीचर या जूते नहीं रखने चाहिए। अगर ऐसा है तो इन्हें तुरंत हटा दें जो मुख्य दरवाज़े को पूरी तरह खोलने से रोकता है।
  • अगर आपके घर का मुख्य द्वार खुलते या बंद करते समय आवाज़ करता है तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इस तरह की कोई आवाज़ द्वार से नहीं आनी चाहिए। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है। इसलिए उन दरवाजों के कब्ज़े बदल दें या दरवाज़े के कोनों में तेल लगाकर उसे चिकना कर दें।
  • आपके मुख्य द्वार की दिशा किस ओर है? यदि आपके घर के मुख्य द्वार के सामने कोई बिजली का खंभा हो इस बात पर विशेष ध्यान दें क्योंकि इन बिजली के पोल से निकलने वाली ऊर्जा आपके घर में नकारात्मकता का संचार करने लगती हैं। यह अवरोध घर या कार्यक्षेत्र में ऊर्जा के बहाव को अवरुद्ध करती है। इसका प्रभाव उनके शारीरिक और मानसिक ऊर्जा पर भी पड़ता हैं।

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