वास्तु का आपके उद्योगों पर कैसे असर पडेगा ?

मंदी के इन मुश्किल समय में जापान जैसी एशियाई अर्थव्यवस्था व अन्य देश और स्पेन, इटली जैसी यूरोपीय अर्थव्यवस्थाएँ, जहां कम आर्थिक विकास के साथ उच्च मुद्रास्फीति है, आज एक आदर्श बन गया है । भारत की अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति की दर को कम होने से जबरदस्त पुनरुत्थानशील वृध्दि दर्ज की गई है जिससे भारत के आम लोगों के जीवन में सर्वांगीण विकास आया है । वैश्वीकरण तथा मुक्त व्यापार यह आज की दुनिया की अर्थशास्त्रीय )प्रवृत्ती बन गयी है और भारत इस मामले में सार्वभौम आर्थिक शक्ति बनने के लिए सबसे आगे ले जाता है । तेजी से औद्योगिकीकरण आज के समय की जरूरत और आवश्यकता है ।

उद्योग के लिए बुनियादी सुविधाओं की पूरी उपलब्धता हो जैसे जगह, असीमित तथा सस्ते शक्ति के स्रोत, ट्रेन व रास्तों के माध्यमों का सुलभ नेटवर्क, कच्चा माल और मानव संसाधनों की उपलब्धता, ऐसी जगह का चयन करें, अपने विकास के लिए अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं उन भावी उद्योगपतियोंने अपने नए व्यवहार्य परियोजनाओं की स्थापना करने के लिए हमेशा यह ध्यान में रखना चाहिये । सुस्थापित व्यापक अनुभववाले उद्योगपति बड़े पैमाने पर औद्योगिक इकाईयों की स्थापना करते हैं और मध्यम से छोटी श्रेणी के उद्योजक व्यवसाय को स्थापित करने के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के उपयोग द्वारा लागत में बचत करते हैं । दोनों भी व्यवसाय में बरोबरी का दावा करते हैं लेकिन उनका दृष्टिकोण अलग अलग होता है ।
सरल वास्तु के उद्योगों के लिए वास्तु संकल्पना एक अच्छा विकल्प है नये उद्योजकों के लिए जिन्हें अपना उद्योग पुरे विश्वभर मैं प्रचलित करना है।

अपना व्यक्तिगत वास्तु नकाशा प्राप्त कीजिये और यह वास्तु नकाशा आपके कार्यस्थल तथा घर से सुसंगत है या नही इसका विश्लेषण कीजिये ।