वास्तु का आपके होटलों पर कैसे असर पडेगा ?

होटल से संलग्न रेस्टोरेंट या स्वतंत्र रेस्टोरेंट, आतिथ्य उद्योग को बढावा देते हैं । रेस्टोरेंट उद्योग, मनोरंजन उद्योग व उपार्जन तथा भोजन रेस्टोरेंट उद्योग की स्थापना से सरल वास्तु की होटलों के लिए वास्तु संकल्पना का इस्तेमाल करके `अतिथि देवो भव’ की प्राचीन भारतीय आतिथ्य संस्कृति से आसानी से मिला सकते हैं । यह एक विशाल कार्य है जिसमें सरल वास्तु के सिध्दोंतो को लागू करना सुलभ है । विदेशी पर्यटकों पर `भारतीय अध्यात्म और आशिर्वाद’ के रूप में प्रदान कर अक्सर अंतरराष्ट्रीय यात्रा करनेवालों के साथ जोड़कर इसे एक पणन स्थल साबित किया जा सकता है ।

अपना व्यक्तिगत वास्तु नकाशा प्राप्त कीजिये और यह वास्तु नकाशा आपके कार्यस्थल तथा घर से सुसंगत है या नही इसका विश्लेषण कीजिये ।