घर के लिए वास्तु का हमारी स्वास्थ्य, शिक्षा, कारकिर्द तथा रिश्तो में प्रमुख महत्त्व है । हम ज्यादातर समय अपने घर में बिताते हैं और घर की सकारात्मक या नकारात्मक ऊर्जा आपके शरीर में अनुकंपित होती है जिससे यह ऊर्जा आपके शरीर तथा आत्मा को सकारात्मक या नकारात्मक तरीके से प्रभावित करती है । इससे मानसिक व शारीरिक रूप से हम पर प्रभाव पडता है जिससे यह समृध्दि अथवा समस्याओं को जन्म दे सकता है । वास्तु शास्र के अनुसार व्यक्ति को समय पड़नेपर सकारात्मक ऊर्जा निर्माण करने हेतु घर में कुछ चीजों का ध्यान रखने की जरूरत है ।

घर में कुल आठ दिशाएँ होती है जिसमें से किसी भी व्यक्ति की चार अनुकूल और उसमें से चार प्रतिकूल दिशा होती है । उस व्यक्ति के लिए और परिवार के लिए अच्छे स्वास्थ्य, संपत्ती तथा समृध्दि के साथ खुशी से जीवन जीने के लिए व्यक्ती के घर के सभी महत्त्वपूर्ण स्थान उचित अनुकूल दिशाओं में होने चाहिए ।

परिवार के सभी सदस्यों के लिए सरल वास्तु व्यक्तिगत वास्तु चार्ट प्रदान करता है जिसमें अनुकूल तथा प्रतिकूल दिशाएँ होती है । हमारे वास्तु विशेषज्ञ घर के प्रमुख और अन्य परिवार के सदस्यों के लिए वास्तु घर के अनुरूप है या नहीं इसका विश्लेषण करते हैं और पूर्वसूचनाओं का विवरण प्रस्तुत करते हैं । घर के प्रमुख और घर के बीच अगर वास्तु विसंगतियाँ है तो परिवार के सदस्यों के जीवन में कई समस्याएँ पैदा हो सकती है । घर में कोई भी संरचनात्मक परिवर्तन किए बिना हमारे वास्तु विशेषज्ञ ऐसी सभी समस्याओं के लिए उपाय बताते हैं ।

स्वास्थ्य के लिए वास्तु

स्वास्थ्य स्थल – आरोग्य स्थान

अगर घर के स्वास्थ्य का स्थान प्रतिकूल दिशा में स्थित है अथवा उस स्थान पर शौचालय / स्नानगृह है तो व्यक्ति तथा उसके परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य में यह बाधा उत्पन्न करता है ।

व्यक्ति तथा उसके परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य की कई समस्याओं का सामना करना पड सकता है जैसे कि व्यक्ति का नाजुक चिकित्सा की स्थिती में पहुँचना ।

संपत्ति के लिए वास्तु

अगर घर के संपत्ति का स्थान प्रतिकूल दिशा में स्थित है अथवा उस स्थान पर शौचालय / स्नानगृह है तो इससे संपत्ती निर्माण तथा धन को बनाए रखने में बाधाएँ उत्पन्न होती है ।

व्यक्ति को आर्थिक मामलों में कई समस्याओं का सामना करना पड सकता है जैसे कि बचत संभव नहीं है ।

शिक्षा के लिए वास्तु

अगर घर के शिक्षा का स्थान प्रतिकूल दिशा में स्थित है अथवा उस स्थान पर शौचालय / स्नानगृह है तो बच्चों की शिक्षा के मामलों में बाधाएँ उत्पन्न होती है ।

बच्चों को उनकी शिक्षा के मामलों में कई समस्याओं का सामना करना पड सकता है जैसे कि अगर हमारे घर में या कार्यस्थल में प्रतिष्ठा और प्रसिध्दि का स्थान गायब हो जाता है तो उससे प्रतिष्ठा, प्रसिध्दि और सद्भाव को नष्ट हो सकती है जिसे हमने हासिल करने के लिए जीवनभर संघर्ष किया ।

रचनात्मकता व कार्यकुशलता में वास्तु

हर घर में अथवा काम के स्थान पर सर्जनशीलता का स्थान होता है । जब रचनात्मक जगह प्रभावित होती है तब अपनेआप से आत्मविश्वास व प्रेरक स्तर में समस्या होती है । अगर घर अथवा कार्यस्थल का मुख्यद्वार या प्रवेशद्वार प्रतिकूल दिशा में है तो आलस्य, अपने इच्छित लक्ष को रद्द करना या उसे टाल देना जैसी प्रेरणा होती है ।

अगर घर या कार्यस्थल से कार्यकुशलता का स्थान गायब हो जाता है तो प्रतिष्ठा, प्रसिध्दि और सद्भावना को नुकसान पहुँचाता है जिसे हम जीवनभर हासिल करने का प्रयास करते हैं । वहाँ आत्महित की कमी होती है । लोग लंबे समय के लिए उदासीन हो जाते हैं और अपने सुविधा क्षेत्र में बहुत ज्यादा आरामदेह हो जाते हैं, लंबे समय के लिए सुस्त हो जाते हैं ।

करियर के लिए वास्तु

अगर घर के करियर का स्थान प्रतिकूल दिशा में स्थित है अथवा उस स्थान पर शौचालय / स्नानगृह है तो व्यक्तियों के कारकिर्द ( आजीविका ) के मामले में बाधाएँ उत्पन्न करता है । व्यक्ति को अपने संबंधित करियर में नौकरी के नुकसान जैसी समस्या का सामना करना पड सकता है ।

विवाह के लिए वास्तु

अगर घर के रिश्ते और विवाह का स्थान प्रतिकूल दिशा में स्थित है अथवा उस स्थान पर शौचालय / स्नानगृह है तो व्यक्तियों के विवाह तथा नातेसंबंधो के मामले में बाधाएँ उत्पन्न करता है ।

व्यक्ति को अपने संबंधित नातेसंबंध तथा विवाह में अनुरूपता के बावजूद विवाह में देरी, पति पत्नी में, भाई बहनों में, माँ पिताजी में प्रेमभाव के संबंध ना रहने जैसी समस्याओं का सामना करना पड सकता है ।

रिश्तों के लिए वास्तु

हर घर तथा कार्यस्थल के लिए रिश्तों का स्थान होता है । कई बार नातेसंबंधो का स्थान घर में तथा कार्यस्थल में नहीं होता । नातेसंबंधों का स्थान घर में होकर भी शौचालय, स्नानगृह तथा उपयोगिता के कमरे की वजह से बाधित हो जाता है । अपने आप से परिवार के सदस्यों के बीच नातेसंबंधो के मामलो में कड़वाहट आनी शुरू हो जाती है ।