२९. नये घर और कार्यलय / संस्था के लिए : सरल वास्तु द्वारा कार्यन्वित नक्शे की रुपरेखा

इस किताब के गहन अध्ययन से यह स्पष्ट है कि, सरल वास्तु, ने अपने सरल और वैज्ञानिक समाधानों द्वारा घर, कोर्पोरेट ऑफिस जैसी आधुनिक सरंचनात्मक संस्था को उसकी सेवा प्रदान करने का क्रांति बना चुका है ।

२८. सरल वास्तु के सिद्धांतों के अनुसार, प्रकाश का पर्व दीपावली का उत्सव

भारत के उत्सव, हमेशा किसी न किसी धार्मिक संलग्नता या धार्मिक अनुष्ठानों के उत्सवों से साथ जुड़े हुए है । हरएक त्यौहार,विशिष्ट धार्मिक प्रयोजन से युक्त होता है, जैसे कि, होली की भक्ति, भगवान विष्णु और उनके नरसिंह अवतार की पूजा

२७. घर के ऊपर, पर्यावरण के बाहर दोषों (अशुद्धियों) का असर और इस संदर्भ में सरल वास्तु का महत्त्व

ऊपर की आकृति में दर्शाये अनुसार, यदि कोई भवन या मकान इस प्रकार के टेढ़े रास्ते के सामने स्थिर हो तब छोटी या बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है या दुर्भाग्यवश

२६. भारत का नक्शा (भौतिक और राजकीय )

ऊपर दर्शाये हुए भारत के नक्शे (भौतिक और राजकीय )अनुसार, देश की कार्यकारी, कानूनी और न्यायतंत्र की सरकारी संस्थानों के प्रमुख कार्य संसद में से होते है, जिन्हें हम संसद भवन के नाम से जानते हैं, जो दिल्ली मे स्थित है ।नई दिल्ली, केंन्द्र सरकार है और इसे देश का हद्य भी कहा जाता है

२५. प्राचिन काल से भारत मे वास्तु विज्ञान का महत्व एक अध्ययन

भारत के सभी राज्यों में से विविध भारतीय भाषाओं और लिपिओं में उपलब्ध वास्तु साहित्य पर मैंने संधोधन किया है । भारत के सभी राज्यों में से वास्तु विशेषज्ञों ने अपनी अनेक किताबो और हस्तलिखित पुस्तकों में यह उल्लेख किया है

२४. सरल वास्तु में मकान या संरचना का आकार और उसका महत्व

सरल वास्तु में मकान या संरचना के आकार का अत्याधिक महत्व है । बहुत ही महत्वपूर्ण तौर पर, ऐसी सलाह दी जाती है कि, किसी भी परिस्थिति के अंतर्गत, मकान या संरचना का निमार्ण, यहॉ नीचे दिए आकारों के स्वरुपों से युक्त नही होनी चाहिए ।

Suggestions & Additional Information On Vaastu

२३. सरल वास्तु द्वारा वास्तु संबंधित अधिक सुझाव एवं अतिरिक्त जानकारी

वास्तुशास्त्र के सिद्धांतो के अनुसार, किसी भी परिस्थिति के अंतगर्त, घर या ऐसी किसी भी स्थान के मध्य में सीढ़ी का निर्माण नही करना चाहिए। इसके अलावा, सीढ़ीयो की दिशा पूर्व से पश्चिम या दक्षिण से उत्तर की ओर होना चाहिए ।

married couple

२२. स्त्री के लग्नजीवन का सुवर्ण प्रारंभ और सरल वास्तु के साथ संयोजकता

हमारे भारतीय रिवाज और परंपराओं को ज्यादातर लोगों द्वारा स्वीकार कर संपन्न किया जाता है। विवाह के गठबंधन के लिए जब वर और उसके परिवार के सदस्यों के सामने की दिशा में प्रथम बार वधू(कन्या)को प्रस्तुत करते समय

child with books

२१. छात्रों के उज्ज्वल शैक्षणिक भविष्य के लिए सरल वास्तु और इसका योगदान

पढ़ने और सोने की दिशा आपकी एकाग्रता और सोचने की क्षमता को बढ़ाता है । वास्तु निर्देशो का अनुसरण करने से आज्ञाचक्र ठीक सक्रिय हो जाता है जिससे उनमे नई उमंग और एकाग्रता उत्पन्न होती है ।

Saral Vaastu for Women

२०. महिलाओं के लिए सरल वास्तु – शरीर के बढ़ते वजन को कैसे रोका जाए और किस प्रकार से संतुलित वजन बनाए रखा जाए

वर्तमान समय में सभी लोग अपने शरीर को लेकर चिंतित रहते हैं, खास करके महिलाएं जो सेहतमंद तथा सुंदर दिखना चाहती है । मेरे दिए गए प्रवचनों और सेमिनारों के श्रोतागण में सामान्य तौर