२५. प्राचिन काल से भारत मे वास्तु विज्ञान का महत्व एक अध्ययन

भारत के सभी राज्यों में से विविध भारतीय भाषाओं और लिपिओं में उपलब्ध वास्तु साहित्य पर मैंने संधोधन किया है । भारत के सभी राज्यों में से वास्तु विशेषज्ञों ने अपनी अनेक किताबो और हस्तलिखित पुस्तकों में यह उल्लेख किया है

Suggestions & Additional Information On Vaastu

२३. सरल वास्तु द्वारा वास्तु संबंधित अधिक सुझाव एवं अतिरिक्त जानकारी

वास्तुशास्त्र के सिद्धांतो के अनुसार, किसी भी परिस्थिति के अंतगर्त, घर या ऐसी किसी भी स्थान के मध्य में सीढ़ी का निर्माण नही करना चाहिए। इसके अलावा, सीढ़ीयो की दिशा पूर्व से पश्चिम या दक्षिण से उत्तर की ओर होना चाहिए ।