How-to-invest-money-in-hindi

वॉरेन बुफेने एक बार कहा था, “कभी किसी एक आय पर निर्भर मत रहो । हमेशा पैसों का निवेश करते रहो ताकि दुसरे आय का स्रोत बना रहे । इसको अमल में लाना बहुत आसान लग रहा होगा, है ना ? लेकिन, यह इतना आसान नहीं है । ज्यादातर सबसे बड़ी गलती हम लोग करते हैं कि हमें निवेश करना बहुत ज्यादा मुश्कील लगता है । हम यह दूसरा आय का स्रोत निर्माण करने में असफल रहते हैं । जरूरत ना होनेपर भी हम चीजें खरीदते हैं और मुर्खतापूर्ण तरह से पैसे खर्च करते हैं । इस प्रक्रिया में, हम कभी कभी ऐसी अवस्था में पहुँच जाते हैं जहाँ हमें हमारे रोजमर्रा के खर्चों के लिए कुछ चीजों को भी हमें बेचना पड़ता है । हम `सोचते’ हैं कि निवेश करना बहुत ही आसान है । हमें बस सिर्फ इतना करना है कि अपनी आय के कुछ हिस्से को बाजार में उपलब्ध निवेश करने की योजनाओं में अनुप्रेषित करना है । हालाँकि, समय के चलते हम जो `सोच’ रहे थे की बहुत आसान है उसे अमल में लाने में हम असफल रहें हैं । निवेश करना हमारे लिए सबसे मुश्किल चीज हो गयी है और इस प्रकार की गति और दृष्टिकोण से मुझे पूरा यकीन है कि हम भी उस अवस्था में पहुँच सकते हैं जहाँ हमें निवेश करना बहुत ही मुश्कील हो जाएगा । संभवतः, यह मुमकिन है कि जब हम निवेश करने को एक चुनौती की तरह स्वीकारते हैं और उसे अमल में लाने की शुरूआत करते हैं ।

लेकिन, इसकी बहुत देर हो चुकी होगी । हमे में से कुछ लोगों ने इसकी शुरूआत की होगी वे अपना जीवन बहुत ही आराम से जी रहे होंगे । वे लंबी यात्रा पर जा सकते हैं, महंगे कपडे तथा घड़ियाँ पहनते हो, सर्वोत्कृष्ट गाड़ियाँ चलाते होंगे और फिर भी इसके लिए चिंता नहीं करते हो । हमारे निवेश करने के फैसले को आसान करने के लिए ऐसी बहुत कम चीजें हैं जिनका हमें ध्यान रखना पड़ता है । हमारे पैसों को निवेश करना इतना मुश्कील क्यों है इसे सुलझाने के लिए नीचे कुछ सुझाव दिए हैं । नीचे दिए गए सुझावों में कठिनाइयों के उल्लेख के साथ उनके उपायों को भी दिया गया है ।

  • हमें आदत है कि हमारे पास जो पैसे हैं उनको हम खर्च करते हैं और फिर बचा हुआ पैसा निवेश करते हैं । ऐसा नहीं होना चाहिए । हमने हमारे वेतन में से कुछ हिस्सा पहले निवेश करना चाहिए और फिर बचा हुए वेतन को खर्च करना चाहिए । आपका पैसा खर्च करना होशियारी से होना चाहिए क्योंकि उसका निवेश करने में बहुत योगदान है ।
  • निवेश करते वक्त हर व्यक्ति को बहुत ही सहनशील होना चाहिए । जैसे की हम बगीचे में पानी देते वक्त घास को बढ़ते हुए देखते हैं । निवेश करना मनोरंजक होना जरूरी नहीं है । यह बहुत नीरस है और यह आपके धैर्य की परीक्षा है जिससे आपको बहुत अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं ।
  • ज्यादातर मामलों में, जब हम निवेश करते हैं तब हमारे पास कोई लक्ष्य नहीं होता । सिर कटी मुर्गी जैसे बिना किसी दिशा से यहाँ वहाँ भागती है या किसी यात्री को अपना गंतव्य स्थान का पता न हो वैसे ही इस मामले का वर्णन किया जा सकता है ।
  • हम एक सवाल हमेशा अपने आपसे पुछते हैं कि ऐसा कौनसा सही वक्त है जब हम निवेश करना शुरू कर सकते हैं ? खैर, तो इस सवाल का सही जवाब हो सकता है `अभी’. अगर आपने निवेश करने की शुरूआत नहीं की है तो आप अभी से निवेश करना शुरू करो ।
  • व्यक्ति को अच्छा निवेशक होने के लिए अपनी भावनाओं को त्यागना पड़ता है । भावनाएँ निवेशक का सबसे बड़ा शत्रू होता है । जी हां, शेयर बाजार से भी यह बड़ा शत्रू है । भावनाओं के लिए हो सकता है कि अपने बैंक के खाते में उसका न्यूनतम हिस्सा हो तो भी उसे बनाए रखते में मदद होती है ।
  • वास्तव में आप जिसमें निवेश कर रहें हैं उस शेयर या किसी अन्य निवेश उत्पाद के बारे में सूचित तथा शिक्षित किया जाता है । किसी जानकारी के बिना निवेश करना मूर्खता होगी । इसलिए, निवेश का ज्ञान होना बहुत महत्त्वपूर्ण है ।
  • अंत में, आपके निवेश के फैसले में समझदार बनो । ज्यादा ऊंचा खतरा न उठाएँ । वॉरेन बुफे द्वारा दिए गए हवाले से “ आप अपने दो पैरों से नदी की गहराई का परीक्षण न करें । ” इसलिए, सतर्क तथा सोचसमझकर रहना महत्त्वपूर्ण है ।
सरल वास्तू के विशेषज्ञ द्वारा दिए गए कुछ वास्तु टिप्स जिससे नकारात्मकता तथा समस्याओंसे दूर रह सकें –
  • यह सुनिश्चित करें कि आपके नल तथा हाथ धोने की जगह पर पानी न टपकता हो जिससे आप आर्थिक नुकसान से बच सकें ।
  • घर के बीच में सीढ़ी तथा शौचालय / स्नानगृह न हो । इससे स्वास्थ्य तथा संपत्ती पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है ।
  • आपको अनुकूल हो उस रंग के कपडे पहने से सभी पहलुओं में सकारात्मकता के परिणाम प्राप्त करने में मदद होती है ।
  • घर के मुख्य द्वार के सामने पानी के फव्वारे स्थापित करें जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित किया जा सकता है ।
  • अगर घर के सरस्वती स्थान में कोई दोष हो तो आपके ज्ञान तथा शिक्षा में नकारात्मकता का प्रभाव हो सकता है । (अप्रत्यक्ष रूप से व्यवसाय की प्रगति तथा धन निर्माण में नकारात्मकता का प्रभाव हो सकता है ।)
  • आपके घर में मुख्य द्वार के साथ दरवाजे एक सीधी रेषा में नहीं होने चाहिए क्योंकि उससे आपके स्वास्थ्य तथा संपत्ति पर नकारात्मक असर पड़ता है ।
  • घर के अंदर बजनेवाली घंटी की वजह से नकारात्मक ऊर्जा का पूर्ण रूप से नाश करने में मदद होती है और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है ।
  • भगवान को ताजे फूल चढाएँ जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है ।
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