“ सुखी वैवाहिक जीवन का मंत्र यही है कि अगर आप किसी के साथ चार दीवारों के बीच अगर शांति से रह सकते हो । ” शादियाँ स्वर्ग में तय होती है लेकिन उन्हें पृथ्वी पर निभाना पड़ता है जहाँ पर वैवाहिक समस्याएँ तथा उनके उपाय दोनों का अस्तित्व होता है । उपन्यासों की तरह – और वे खुशी से रहने लगे … इस प्रकार की शादियाँ यहाँ नहीं होती । हर दिन एक संघर्ष है और जब तक पति और पत्नि दोनों का योगदान नहीं होता शादी की बुनियाद कमजोर होती है । यह खासकर शहरी क्षेत्रों में सच होता है जहाँ काम का तनाव तथा दिन में रोज जीवन की परेशानियाँ होती है । शादी में होनेवाले विवादों के कुछ साधारण कारणों में से कुछ नीचे दिए हैं –

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वित्तीय मामले –
सभी शादीयों में पैसों की वजह तनाव तथा विवाद जैसी समस्याएँ आती है । पति तथा पत्नियों के विभिन्न वेतन तथा उस संपत्ति को बनाए रखना और उसे खर्च करने की विभिन्न संकल्पनाओं की वजह से पैसों को लेकर झगड़े होना अपरिहार्य होता है । यह झगड़े कठीन आर्थिक परिस्थिती के समय बढ़ जाते हैं ।

बच्चे –
बच्चों से संबंधित होनेवाले विवादों के दो अर्थ हो सकते हैं. एक, पति तथा पत्नि एक दूसरे से अधिक अपने बच्चों पर ध्यान देते हैं और दूसरा अर्थ यह होता है जब दम्पत्ति बच्चे को जन्म देने में असमर्थ होते हैं । बच्चों की देखभाल करते हुए दम्पत्तियों के बीच का अनुबन्ध कम हो जाता है ।

नौकरी से संबंधित तनाव –
दैनिक तनाव दम्पत्ति के धैर्य तथा अरमानों की परीक्षा लेते हैं जिससे रिश्ते प्रभावित हो जाते हैं । शादीयों में समस्याओं का एक और कारण व्यस्त कार्यक्रम ( शिड्यूल ) भी होता है । दम्पत्ति एक दूसरे के साथ कम समय व्यतीत करने की वजह से दोनों में मेलभाव की कमी हो जाती है । अगर पति या पत्नि में से कोई अक्सर यात्रा करता है तब इस बात का तनाव समस्याओं को और बढ़ाता है ।

बुरी आदतें –
कभी कभी रिश्ते संबंधो में एक व्यक्ति बुरी आदतों का शिकार हो जाता है जो दूसरे जीवनसाथी को गुस्सा दिलाता है । अधिक शराब पीने से होनेवाले रोग इसका एक उदाहरण है ।

संवाद का अभाव –
संवाद का अभाव किसी भी रिश्ते में सबसे बड़ी समस्या है, खासकर शादी में । संवाद का अभाव अथवा नकारात्मक संवाद दम्पत्ति की काम करने की गतिशीलता को प्रभावित करता है ।

वैवाहिक समस्याओं में और उनके समाधान में अक्सर किसी विश्वसनीय दोस्त का समर्थन शामिल होता है । ऐसा कोई जिसके साथ प्रभावित साथी अपने दृष्टिकोन को बाँट सके । इसलिए, दोस्त को कैसे मदत करें जो वैवाहित समस्याओं का सामना कर रहा है ? यहाँ ऐसी कुछ बातें बतायी है जिससे एक दोस्त अपने दूसरे दोस्त की शादी को बचा सकता है ।

अपने परिवार के साथ समय बिताने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करें –
शादी में समस्याओं का कारण तुरंत अथवा कई बार धीरे-धीरे हो सकता है । एक दोस्त दम्पत्ति को एक साथ समय बिताने के लिए हैं, अपने काम से छुट्टी लेने आदी के लिए सुझाव दे सकते हैं ।

समर्थक समूहों की खोज करें –
सहायत समूहों की खोज करने हेतु विभिन्न सूत्रों का उपयोग करें और दम्पत्ति उसमें भाग ले रहें हैं यह सुनिश्चित करें ।

धीरज रखो और सुनो –
कभी कभी लोगों को सिर्फ अपनी समस्याओं के बारे में बातें करनी होती है । उनके दुःखों के बारे में सुनो ।

दोस्त अपने परेशान दम्पत्ति मित्र को शादी के लिए वास्तु का सुझाव दे सकते हैं । कोई भी परामर्श सत्र के लिए जा सकते हैं लेकिन अगर वो घर पर नकारात्मकता से भरे हुए वापस आते हैं तो अंतिम उद्देश्य साध्य नहीं हो सकता है । हालांकि, विशेषज्ञों से वास्तु के सुझाव प्राप्त करने चाहिए, यहाँ पर कुछ आम सुझाव दिए गए हैं –

2 Comments
  1. balram

    Santan prapt karna

    • saral vaastu

      Balram ji,

      Saral Vaastu mai ruchi dikhane ke liye dhanyawad. Aap apne contact details hamare mail ID support@saralvaastu.com par share kijiye aur hamari concern team apko is vishay mai sahayata karegi.

      Adhik jankari aap hume 9321333022 (8 am to 8 pm) number par sampark kar sakte hai.

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