Right Location For Kitchen-Saral Vaastu

१२. रसोई व रसोईघर के लिए सही एवं उपयुक्त जगह – कैसी हो!

घरों में ‘रसोईघर’ का हमेशा से ही एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण स्थान दिया गया हैं। पुराने जमाने के घरों में बड़े-बड़े रसोईघर बनवाने का प्रावधान आज भी प्राचीन वास्तु-अवशेषों के द्वारा नज़र आता हैं।

Toilets, Outside The Main House-Saral Vaastu

११. प्राचीन भवन व स्थापत्य कला का शौचालय का स्थान दूर क्यों होता है?

प्राचीन काल में हमारे पूर्वजों द्वारा ऐसे ही घरों में निवास किया जाता था, जहाँ पर शौचालय घर के बाहर स्थित होते थे। यह व्यवस्था इसलिए होती थी जिससे कि शौचालयों से निकलनेवाली नकारात्मक शक्तिओं से घर में रहनेवाले सदस्यों को

Toilets, Bathrooms In The North-East Direction-Saral Vaastu

१०. स्नानघर व प्रसाधन कक्ष तथा शौचालय आदि का उत्तर-पूर्व दिशा में होना एवं वास्तु-विज्ञान के क्षेत्र में इनका महत्त्व व उपयोगिता

वास्तु के क्षेत्र से संबंधित साहित्य जो बाज़ार में उपलब्ध हैं, इनमें मूलरुप से इस बात पर जरुरत से ज़्यादा ज़ोर दिया गया है कि घर के स्नानघरों व प्रसाधन कक्षों तथा शौचालयों को किसी भी स्थिति

Main Door Direction-Saral Vaastu

९. मुख्यद्वार की स्थिति एवं इसकी दिशा का महत्त्व व उपयोगिता

ऐसे लोग जो पहली बार कोई नई संपत्ति खरीदना चाहते हैं या एक निवेश स्वरुप, अपनी जमा-पूँजी को लगाना चाहते हैं, तो ऐसे लोगों द्वारा बिल्डरों / प्रोमोटरों / संपत्ति-दलालों / संपत्ति डेवलपर्स आदि से यह विशेष माँग की जाती है

Puja Room Direction-Saral Vaastu

८. पूजागृह या कक्ष की स्थिति उत्तर – पूर्वी दिशा में उचित या अनुचित!

इस सवाल के जवाब में, जोकि ज़्यादातर वास्तु पंडितें द्वारा चुप्पी साध ली जाती हैं अथवा बात को घुमा-फिरा कर टाल दी जाती हैं, जिसके फलस्वरुप बिना उत्तर दिए हुए यह सवाल एक अनसुलझी पहेली की तरह बनी रहती हैं।

vastu for rented home-Saral Vaastu

७. वास्तुशास्त्र का लाभ मकानमालिक या किरायेदार अथवा दोनो के लए

वास्तु के विषय मे एक बहुत ही सर्व सामन्य प्रश्न पुछा जाता है, जोकी आपकी जज्ञासा को जागृत करता है, में उस पर ज्यादा ध्यान केन्द्रित करना चाहाता हूं। कोई भी व्यक्ति, जोकि किराये के मकान में रहता हो अथवा किराये